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10 Success Rules from Swami Vivekananda in hindi

by Sonal Shukla
Success rules Swami Vivekananda

“जब तक जीना है, तब तक सीखना है, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षा है” स्वामि विवेकानंद जी के जीवन से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं, उनके विचारों से पूरी दुनियां प्रभावित थीं. अगर हम उनके सभी लाइफ लेसन के बारे में बात करें तो यकीन मानिए कहीं दीन लग जाएंगे. क्योंकी स्वामि विवेकानंद जी का एक एक विचार हमारे जीवन में क्रांति ला सकता है, इस वीडियो में हम उनके द्वारा दिए गए 10 success rules from Swami Vivekananda in hindi जानेंगे, और मै आपको दावे के साथ कहे सकता हूं अगर स्वामि विवेकानंद जी के विचारों को अपने जीवन में उतरेंगे तो आपको सफ़ल होने से कोई नहीं रोक सकता है.

10 Success Rules from Swami Vivekananda in hindi

दूसरे के बारे में सोचें

स्वामि विवेकानंद जी के जीवन से पहला लेसन हैं आपको सिर्फ अपने बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि दूसरे के बारे में सोचना चाहिए, दूसरे के हित को ध्यान में रखते हुए अपना कर्तव्य करना चाहिए. जब आपके अंदर देने की भावना जाग्रत हो जाएगी तब यकीन मानिए सफलता आपके पीछे जक मार कर आएगी.

क्योंकि देने वाला हमेशा बडा होता है, और लेने वाला हमेशा लाइन में खड़ा रहता है. तो अपने आप से पूछिए आप क्या दे सकते, धन, पैसा समय, सहयोग, परामर्श क्योंकि ईश्वर का यह नियम है जो आप निस्वार्थ भाव से किसी को देते हैं तो वह आपके पास कहीं गुणा वापिस लोटकर आता है.

दूसरे के हित को ध्यान में रखते हुए जो व्यक्ती कार्य करता है उसकी कभी पराजय हो नहीं सकती हैं, स्वामि विवेकानंद जी जब विश्व सम्मेलन में जाने वाले थे तब वह अपनी माता शारदा के पास आए और बोले मा मै अपनी संस्कृति का प्रचार दुनियां में कर सकता हूं.

जब मां शारदा ना विवेकानंद जी से कहा कि बेटे तुम मुझे यह चाकू उठा कर दो तब विवेकानंद जी ने चाकू उठाकर मां शारदा को दिया तब मां शारदा बोले कि बेटा तुम जाओ अपनी संस्कृति और अपने देश का प्रचार पूरी दुनिया में कर सकते हो.

तब विवेकानंद जी ने पूछा आपने तो मेरी परीक्षा भी नहीं ली आपने कोई सवाल भी नहीं किया. तब मां शारदा बोली जब तुम मुझे चाकू दे रहे थे तब धार वाला हिस्सा हाथ में था और लकड़ी वाला सा मेरी तरफ था.

इससे यह स्पष्ट होता है कि तुम कोई भी कार्य करने से पहले दूसरे के हित को देखते हैं दोस्तों यह बात बहुत छोटी है लेकिन इससे यह साबित होता है कि स्वामी विवेकानंद छोटे-छोटे कार्य में भी दूसरे के हित को ध्यान में रखते हुए करते हैं.

अपनी संस्कृति से प्यार करें

हम सभी जानते हैं कि स्वामि विवेकानंद जी अपने कल्चर और संस्कृति से बहुत प्यार करते थे, और उन्होने अपनी संस्कृति का प्रचार पूरी दुनियां में किया है. साथ में हमको यह भी ध्यान रखना चाहिए कि जितनी इज्जत हम अपनी संस्कृति और कल्चर को देते हैं उतनी ही दूसरों की संस्कृति का भी सम्मान करना चाहिए क्योंकि इससे हमारा सम्मान और बड़ जाता है.

जब स्वामि विवेकानंद जी अपनी संस्कृति का प्रचार करने के लिए अमेरिका गए हुए थे, तब वहा उनको रास्ते में दो व्यक्ती मिले. एक ने स्वामि विवेकानंद जी से पूछा how are you तब स्वामि विवेकानंद ने दोनो हाथ जोड़कर नमस्कार बोला. दोनों व्यक्तियों ने आपस बात करने लगें और कहने इन साधु को शायद English नहीं आती होंगी.

तब उनमें से एक को थोड़ी बहुत हिंदी आती थी तब उन्होंने स्वामि विवेकानंद जी से पूछा कैसी हो, तब उन्होंने कहा hello I am fine यह सब देख कर दोनो गोरे लोग आश्चर्य चकित रहे गए. और पूछा जब हमनें आपसे English में बात करी तब आप हिंदी में बात कर रहे थे और जब हमने हिंदी में बात करी तब आप हिंदी बोल रहे हैं. इसके पीछे का क्या कारण हैं.

10 Success Rules from Swami Vivekananda in hindi

स्वामि विवेकानंद जी बोले जब आप अपनी मात्र भाषा का सम्मान कर रहे थे तब मै मेरी मात्र भाषा का सम्मान कर रहा था. लेकीन जब आपने मेरी मात्र भाषा का सम्मान किया तब मैने आपकी मात्र भाषा का सम्मान किया. दोस्तों इससे यह सीख मिलती है कि जितनी हम दूसरों की संस्कृति को सम्मान देते हैं उतनी ही हमारी संस्कृति का मान सम्मान बड़ता हैं.

दोस्तों जो व्यक्ती अपनी संस्कृति का अपने कल्चर का जितना सम्मान करता है उतना ही सम्मान दूसरी की संस्कृति का करता है वह व्यक्ती जीवन में बहुत तरक्की करता है. और हर परिस्थिति में और हर क्षेत्र में सफलता हासिल करता है.

चरित्र निर्माण 10 Success Rules from Swami Vivekananda in hindi

दोस्तों जिस व्यक्ति का चरित्र अच्छा है उसके जीवन में सफलता, धन, सुख शांति आना तय हैं. अगर किसी व्यक्ति का चरित्र सही नहीं है तो यकीन मानिए उस व्यक्ति को सफलता तो दूर जो उसके पास है वह भी धीरे-धीरे हाथ से निकलती जाएगी. इसलिए सफलता के लिए जीवन में सही चरित्र का होना बहुत जरूरी है

जब स्वामी विवेकानंद अमेरिका में भाषण दे रहे थे तब वहां के हजारों लोग उनकी बातों से उनके विचारों से बहुत प्रभावित हुए हैं. उन्हीं में से एक लेडीस स्वामी विवेकानंद जी के पास आई और कहने लगी कि मुझे आपसे शादी करना है.

तब स्वामि विवेकानंद जी बोले श्रीमती मैं एक ब्रह्मचारी और एक सन्यासी आदमी हूं कृपया माफ कीजिए मैं आपसे शादी नहीं कर सकता. तब उस लेडीस ने कहा कि मैं आप जैसा पुत्र चाहती हूं इसलिए मैं आपसे शादी करना चाहता हूं.

तब स्वामि जी ने कहा कि आप मुझे आज से ही अपना पुत्र समझे और आप मेरी मां है आप मेरे जैसे पुत्र नहीं बल्कि मुझे अपना पुत्र बनाएं.

दोस्तों इस बात से पता चलता है कि स्वामि विवेकानंद जी का चरित्र कितना पवित्र था, यकीन मानिए जितना आपका चरित्र अच्छा होगा आपको उतनी ही बडी सफ़लता मिलना तय है.

Focus on your goals

स्वामि विवेकानंद जी कहते हैं कि अगर जीवन में बहुत आगे तक जाना है, आपके जीवन में बड़े बड़े सपने हैं और उन्हें पूरा करना है तो आपको अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए. सबसे बडी बात यह है कि आपको एक समय में एक हीं लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए और उस समय सारे विचारों का त्याग कर देना चाहिए.

यहीं सफलता का सबसे बडा रहस्य हैं, क्योंकि जब आप सारे विचारों का त्याग करके किसी एक विचार पर फोकस करते हैं तो आपकी सफलता के चांसेज कहीं गुणा अधिक हो जाते हैं.

जब स्वामि विवेकानंद जी रास्ते से गुजर रहे थे तब रास्ते में दो लड़के के हाथों में धनुष और बाण थे ओर वह किसी लक्ष्य को बैधना चाहते थे. लेकीन कहीं बार प्रयास करने के बाद भी वह लक्ष्य को नहीं भेद पा रहे थे.

तब स्वामि विवेकानंद जी उनके पास गए और उन्होंने धनुष बाण लिया और एक हीं तीर में लक्ष्य को भेद दिया, यह देखकर दोनो लड़के आश्चर्य चकित रहे गए. स्वामि विवेकानंद जी से पूछा आपने यह कैसे कर दिया, क्योंकि हम कहीं दिनों से प्रयास कर रहे हैं फ़िर भी हमसे नहीं हुआ आपने एक हीं बार में कर दिखाया.

उन्होंने कहा जब तुम लक्ष्य पर निशाना साध रहे थे तब तुम्हारा ध्यान कहीं और था, तुम इधर उधर की बातें कर रहे थे. जिससे तुमसे सही से निशाना नहीं लग रहा था, इसलिए आप जो भी कार्य कर रहे हैं, आपका जो भी लक्ष्य है सारा फोकस उसी पर कीजिए आपको सफ़लता बहुत जल्दी मिलने वाली है.

5 सत्य का पालन करें Success rules Swami Vivekananda

स्वामि विवेकानंद जी कहते हैं कि हमेशा सत्य की राह पर चलें क्योंकि सत्य कभी पराजित नहीं हो सकता है और दुनियां में कोई ऐसी ताकत नहीं है जो सत्य को पराजित कर सकें. हा कुछ समय के लिए सत्य परेशान हो सकता है, लेकीन अंत में सत्य की ही जीत होती है और मनुष्य को अपने दिमाग़ में यह बात जरूर याद रखना चाहिए.

6 हिम्मत के साथ अपना कार्य करो

दोस्तों जीवन में सफल होने के लिए आपको अपना कार्य हिम्मत के साथ करना चाहिए, और सफलता के लिए धैर्य होना बहुत आवश्यक हैं. क्योंकी बहुत सारे व्यक्ती जल्दी सफलता नहीं मिलने के कारण हिम्मत हार जाते हैं इसलिए जीवन में कभी भी अपनी हिम्मत को नहीं खोना चाहिए.

7 किसी मकसद के लिए खड़े हो तो एक पैड की तरह, गीरो तो एक बीज की तरह, ताकि दुबारा उगकर उसी मकसद के लिए जंग कर सकें”

8 “पवित्रता, धैर्य तथा प्रयत्न के द्वारा भारी बांधाए दूर हो जाती है, इसमें कोई संदेह नहीं है कि महान कार्य धीरे धीरे होते हैं”

9 “विश्व में अधिकांश लोग इसलिए असफल हो जाते हैं, क्योंकि उनमें समय पर साहस का संचार नहीं हो पाता है, वो भयभीत हो उठते हैं”

“प्रसन्नता अनमोल खजाना है, छोटी छोटी बातों पर उसे लूटने ना दे”

10 “जब कोई विचार अनन्य रूप से मस्तिष्क पर अधिकार कर लेता है, तब वह वास्तविक, भौतिक या मानसिक अवस्था में परिवर्तित हो जाता है”

” इस दुनिया में सभी भेद भाव किसी स्तर के है, ना कि प्रकार के, क्योंकि एकता ही सभी चीजों का रहस्य है”

https://youtu.be/ocT-JDOX9dk
Conclusion

उम्मीद करते हैं आपको 10 success rules from swami vivekananda in hindi से बहुत कुछ सीखने को मिला होगा. और आशा करते हैं स्वामि विवेकानंद के सफलता के नियम अपने जीवन में जरूर अप्लाई करेंगे क्योंकी सिर्फ पड़ने से कुछ नहीं होता है. महान बनने और सफल बनने के लिए महान लोगों के विचार जीवन में अप्लाई करना चाहिए.

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