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Best motivational story hindi प्रेरणादायक कहानियाँ

by Sonal Shukla
Motivational story in hindi

प्रेरणादायक कहानी जो जीवन बदल दे Best motivational story hindi की इस सीरीज में आपका स्वागत है, में मोहन तंवर allsafal का लेखक. दोस्तों आज के इस लेख में में  आपको 2 ऐसी motivational story in hindi की जानकारी देने वाला हु  जो आपकी ज़िन्दगी में बहुत बड़ा परिवर्तन लाएगी.

इस कहानी से आपके सोचने और समझने की सोच ही बदल जाएगी  इस पूरी कहानी को पड़ने के बाद आप अपने जीवन में अलग ही बदलाउ ला पाएंगे.

दोस्तों यह कहानी आपको यह बताएगी की आपको जीवन में कैसे सोचना है, और कैसे अपनी ज़िन्दगी को जीना है और क्या है जो हम को कभी भी नहीं करना चाहिए. आपको यह जानने को मिलेगा की क्यों ज्यादातर लोग जीवन में सफल हो जाते है और आपको यह motivational story बताएगी की कैसे आपको जीवन में सपने देखना चाहिए.यह मोटिवेशनल कहानी आपको जीने की राह दिखाएगी तो अंत तक जरूर पड़े|

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हार्टबस और किम की कहानी  Motivational story in hindi

बहुत समय पहले की बात है एक बूढ़ा आदमी था और एक छोटा बच्चा था बडे आदमी का नाम था हार्टबस था और और बच्चे का किम था. किम अनाथ था और उसे अपना पेट खुद ही पलना पड़ता था वह भोजन और सिर पर छत के लिए इस गांव से उस गांव तक भटकता रहता था.

लेकिन सबसे अहम् बात, वह भरपेट भोजन और सोने के आरामदेह सूखे स्थान से नहीं ज्यादा महत्वपूर्ण चीज की तलाश कर रहा था- वह एक  तलाश कर रहा था. 

किम सोच रहा था, ” आखिर ऐसा क्यों होता है की हम जीवन भर जिस चीज की तलाश में सफर करते है,वह हमे अंत में क्यों नहीं मिल पाती है? परिस्थितया इतनी कठिन क्यों होती है?  क्या हम खुद ही उन परिस्थितियों को कठिन बना लेते है? क्या हमे इसी तरह से  संघर्ष करना होगा,जिस तरह से की हम करते है?

किम जैसे छोटे बच्चे के लिहाज से ये बहुत बुद्धिमतापूर्ण विचार थे,परन्तु इसी तरह के चिंतन के कारण उसे रास्ते में एक एक बूढ़ा आदमी मिला. जो उसी राह पर जा रहा था जिसका नाम था आर्ट बस था किम न सोचा की यह बूढ़ा आदमी उसके सवालों के जवाब दे सकता है.

मोटीवैसनल स्टोरी हार्टबस और किम की

बूढ़ा आदमी अपनी पिट पर एक बड़ी, ढँकी हुई,बनी हुई गठरी लटकाए हुए था, जो बहुत भरी लग रही थी. वह बहुत बूढ़ा और थका हुआ दिख रहा था जब वह एक सड़क किनारे आराम करने के लिए रुके,तो बूढ़े आदमी ने थके हुए अंदाज में गठरी जमीं पर रख दी. 

किम को ऐसा लग रहा था जैसे वह बूढ़ा आदमी उस एक गठरी में अपनी पूरी गहस्थी ले जा रहा था. वह गठरी इतनी भारी लग रही थी की कोई युवा या अधिक शक्तिशाली आदमी नहीं उसे आसानी से बहुत दूर तक नहीं उठा सकता था.

” आपकी गठरी में ऐसा क्या है, जिसकी वजह से इतनी भारी है?” किम ने सार्टबस  से पूछा “अगर कहे तो में इसे इसे ख़ुशी ख़ुशी उठा सकता हु. आखिर, में आपसे युवा हु,शक्तिशाली हु,जबकि आप बूढ़े और थके हुए इंसान है.

बूढ़े आदमी ने जवाब दिया, इस चीज को आप मेरे बदले नहीं उठा सकते है इसे तो मुझे खुद ही उठाना होगा” फिर उसने जोड़ा, ” एक दिन तुम अपनी राह पर चलोगे और तुम भी इतनी भारी गठरी उठाओगे”

कई दिन बाद और कई मार्गो पर चलने के बाद किम और बूढ़ा आदमी कही मिल दूर पहुंच गए है. बिच रास्ते में किम बूढ़े आदमी से कही सवाल पूछता रहा था जैसे,लोग इतनी ज्यादा मेहनत क्यों करते है, ;लेकिंन बूढ़े आदमी ने कोई जवाब नहीं दिया.

किम ने हालांकि पूरी कोशिश की, लेकिन वह यह नहीं जान पाया की आखिर उस गठरी को कोनसा वजनी सामान था, जिसे वह बुड़ा आदमी अपनी पीठ परे लटकाए हुए था.

कई बार दिन के लम्बे सफर के बाद देर रात को जब सोने जाते थे,तो किम चुपचाप लेटकर सोने का नाटक करता था. वह देखता थी की बुड़ा आदमी हिलती हुई  रोशनी में अपनी गठरी में रखी चीजों टटोलता रहता था और और धीरे धीरे बाते करता रहता था. परन्तु जब सुबह होती थी, तो वह हमेशा की तरह कुछ भी नहीं बताता था.

Motivational story in hindi 

जब हार्टबस में चलने की बिलकुल हिम्मत नहीं बची और वह आखिरी बार आराम करने के लिए लेता, तब कही जाकर उसने किम को अपना रहस्य बताया. अपने आखिरी घंटो में उसने किम को न सिर्फ रहस्य बताया जिसे वह लादे रहता था,बल्कि इस बात का भी जवाब दिया की लोग इतनी ज्यादा मेहनत क्यों करते है. 

सार्टबस ने कहा, ” इस  गठरी में वह सारी चीजे है, जिन पर में विश्वास करता था, लेकिन वह सच नहीं है ये वे पत्थर है, जिन्होंने मेरी यात्रा का बोझ बड़ा दिया. में हमेशा अपनीं पीठ पर शंका के हर पत्थर, अनिशिचतता की धूल के हर कण और गलत दिशा के हर मिल के पत्थर का वजन उठता रहा, जो मुहे यात्रा के दौरान मिले ये नहीं होते, तो में बहुत दूर तक जा सकता था.

मै अपने सपनो की ज़िन्दगी जी सकता था, जो मेने देखे थे लेकिव इस वजन के कारण मुझे अपनी यात्रा यही पर समाप्त करनी पड़ी. ” और पीठ से बंधी हठरी की रस्सी को खोले बिना बूढ़े आदमी ने अपनी आँखे बंद की और मर्त्यु के आगोश में सो गया.

उस रात सोने से पहले किम ने बूढ़े आदमी की हर रस्सी को खोला गठरी को उठा कर सावधानी से जमीन पर रख दिया. इसके बाद उसने उन चमड़े के टुकड़ो को भी खोला, जो गठरी के मुँह पर बंधे हुए थे.

 फिर उसने उसे खोल लिया वह अपने खुद के सवालों के जवाब खोज रहा था, शायद उसे यह देखकर हैरानी नहीं हुई जो गठरी इतने लम्बे समय ताज बूढ़े सार्टबस को वजनी लग,  वह बिलकुल खाली थी.

और फिर वह सोचने लगा की हमसे कितने इस कारण फ़ैल हो जाते है, क्यों की हम जीवन भर अपनी पीठ पर अपने डरो और सीमाओं का बोझ लादे फिरते है. 

Moral this motivational story hindi

दोस्तों इस motivational story in hindi  से हमे यह प्रेरणा मिलती है  की हम जीवन में बहुत सारि बातो पर विश्वास कर लेते है. जैसे- डर, चिंता शंका आदि जो की वास्तव में कुछ भी नहीं और यह हमारे द्धारा रची हुई बाते है और हम इनके आधार यानी की इतना बोझ हो जाता है की आगे नहीं बढ़ पाते है और अपने जीवन की यात्रा बिच में ही समाप्त करनी पड़ती है. 

Motivational story in hindi 2 जीवन बदल देने वाली प्रेरादायक कहानी

एक बार दो मेंढक एक गहरे गड़े में गिर गए, वह बहार निकल के लिए बार प्रयास कर रहे है. इतने में वहां बहुत सारे मेंढक और भी इक्कट्ट हो गए और तरह तरह की बाते करने लगे की इतने गहरे गड़े में से मेंढक कैसे बहार निकलेंगे ऐसा करना सम्भव नहीं.

और बहुत सारे मेंढक तो जोर से हस्स रहे थे जब वह दो मेंढक बहार छलांग लगाने की कोशिश कर रहे रहे, और बोल रहे थे तुमसे नहीं हो पायेगा यानी की तुम बहार नहीं निकल सकते हो. 

फिर भी दोनों मेंढक ने संधर्ष जारी रखा और बहार से दूसरे मेंढक के चलते एक मेंढक ने मन में विचार बना लिया की इतने सारे मेंढक बोल रहे यह सही की हम बहार नही निकल सकते है. और वह धीरे धीरे हिम्मत हारने लगा जबकि पहले वाला मेंढक निरंतर प्रयास में जुटा रहा और हर एक बार वह डब्बल कोशिश करता रहा. 

Motivational story in hindi for success

दूसरे वाला मेंढक जो की दूसरे मेंढको  की बातो पर ध्यान दे रहा था वह इतना हिम्मत हार गया की वह उसने निर्णय लिया और वह वही गड़े में अपने प्राण त्याग दिए.

जबकि पहले वाला मेंढक बाहरी मेंढको की बातो को  अनसुनी किया और निरंतर प्रयास करता रहा और एक डब्बल हिम्मत के साथ छलांग लगाकर वह गड़े से बाहर निकल आया. 

तब वह बहार आया तो सभी मेंढको ने पूछा की तुम बहार कैसे आ गए इतने गहरे गड़े से उसने कोई जवाब नहीं दिया फिर से वही प्रश्न पूछा आप कैसे बहार आए फिर भी वह मेंढक चुप रहा.

इतने में उस मेंढक की माँ आई और सभी मेंढ़को से बोली यह बचपन से बेहरा है, तब उस मेंढक ने जवाब दिया की जब तुम लोग चिल्ला रगे थे तो ऐसा लगा की आप मुझे उत्साहित कर रहे इस कारन से मेरी उत्साह डब्बल हो गया और में गड़े से बहार आ गया. 

Moral short motivational story in hindi 

दोस्तों इस motivational story से हमे यह प्रेरणा मिलती है की जीवन में कुछ बड़ा करना है तो दुनिया के सामने अपने आप को बेहरे कर लो. अगर आप लोगो की बातो को सुनते रहोगे या आप लोगो की बातो के अनुसार अपने कार्यो को तय करेंगे  जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकते है. 

और यह motivational story हमे दूसरी यह प्रेरणा देती है की जीवन में कीतनि भी मुश्किल हालत हो कभी भी हिम्मत नहीं हारना चाहिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए. क्यों की कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती है साथ ही कभी भी दूसरे की बातो पर निराष नहीं होना चाहिए क्यों की दुनिया में लोग तो आपके नीचा दिखाने की हर संभव कोशिश करेंगे.

Conclusion 

उम्मीद करते है आपको यह दोनों motivational story in hindi की जानकारी अच्छी लगी होगी और आपके जीवन में एक बदलाउ आया होगा और साथ ही आप अपने हालातो की निर्णय दूसरे के विचार या बातो से नहीं करेंगे. like और share जरूर करे साथ ही आपका कोई सवाल है यो कमेंट जरूर करे. 

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